त्रिलोचन शास्त्री


आलेख

त्रिलोचन शास्त्री - डॉ. मधु सन्धु
आया फूल, गया, पौधा निर्वाक्‌ खड़ा है - डॉ. कविता वाचक्नवी
पुराने नाम याद हैं, शक्लें बदल गई हैं‘ - कवि त्रिलोचन (शास्त्री) - दिविक रमेश
क्षण के घेरे में घिरा नहीं : त्रिलोचन का स्मरण (पुस्तक चर्चा) - डॉ.ऋषभदेव शर्मा
लोकजीवन के अन्यतम चितेरे : कविवर बाबा त्रिलोचन - सुशील कुमार
त्रिलोचन : 'क्षण के घेरे में घिरा नहीं' लोकार्पित - डॉ. कविता वाचक्नवी

अन्य कड़ियाँ

सृजनगाथा त्रिलोचन शास्त्री संकलन

त्रिलोचन साहित्य 

प्रतिनिधि कविताएँ

भूमिका - केदारनाथ सिंह

ध्वनिग्राहक ['दिगन्त' से]
फेरीवाला [’तुम्हें सौंपता हूँ’ से]
वही त्रिलोचन है [’उस जनपद का कवि हूँ’ से]
चीर भरा पाजामा [’उस जनपद का कवि हूँ से]
उस जनपद का कवि हू ['उस जनपद का कवि हूँ' से]
आज मैं अकेला हूँ [’धरती’ से]आरर- डाल ['ताप के ताये हुए दिन' से]  
गाय करती है घमौनी ['अरधान' से] 
जीवन का खेल ['अरधान' से] 
झाँय झाँय करती दुपहरिया
[
'उस जनपद का कवि हूँ' से] 
गेहूँ जौ के ऊपर सरसों की रंगीनी ['उस जनपद का कवि हूँ' से] 
अपराजेय ['दिगन्त' से]
सूरज से मैं ने कहा [’तुम्हें सौंपता हूँ से]