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04.05.2009
 

होली के रंग कवियों के संग
प्रस्तुति : उमेश ताम्बी


अर्चना पंडा, विशाका ठाकर, घनश्याम गुप्त, अभिनव शुक्ल और राकेश खंडेलवाल

१४ मार्च २००९, फिलेडेल्फिया, यू एस ए,  होली के सुअवसर पर फिलेडेल्फिया के समीप भारतीय कल्चरल सेंटर के सभागृह में  'होली के रंग कवियों के संग"' नामक कवि सम्मेलन का

उमेश ताम्बी

आयोजन भारतीय कल्चरल सेंटर और ई-कविता याहूग्रुप के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। कार्यक्रम का प्रारम्भ में आयोजकों की ओर से उमेश ताम्बी ने प्रत्येक कवी और कवित्रियों को काव्य शैली में मंच पर आमंत्रित किया, वॉशिंगटन डीसी से पधारे आशु कवि श्री राकेश खंडेलवाल ने माँ सरस्वती की वन्दना करी और बखूबी से मंच संचालन किया साथ ही साथ अपने शृंगार रस और हास्य रस की आनंदित करने वाली रचनाएँ सुनाई।

केलिफोर्निया से विशेष रूप से पहुँची अर्चना पंडा ने सामान्य जीवन पर चुनी हुयी कवितायें हास्यास्पद शैली से पेश की और श्रोताओं को प्रभावित किया, श्रीमती बीना तोडी, श्रीमती विशाका ठाकर ने होली की और अन्य रचनायें सुनाई, फिलेडेल्फिया के कवि घनश्याम गुप्त ने अपनी कुछ रचनाएँ सुनाईं।

अभिनव शुक्ल अर्चना पंडा राकेश खंडेलवाल विशाका ठाकर अनूप भार्गव

इस दौरान उपरोक्त कवी, कवित्रियों द्वारा रचित "धूप, गंध और चांदनी" नमक काव्य संग्रह का विधिवत विमोचन एवं लोकार्पण श्री नन्द तोडी द्वारा किया गया।

"धूप, गंध और चांदनी" का विमोचन करते हुए नन्द तोडी और घनश्याम गुप्त

न्यू जर्सी से आये ई-कविता याहूग्रुप के अनूप भार्गव ने अपनी छोटी छोटी रचनाओं से सभी श्रोताओं का मन मोह लिया, कार्यक्रम के मुख्य आयोजक तथा काव्य प्रेमी उमेश ताम्बी ने होली के प्रसंग में तथा बुनियादी और सामायिक विषयों पर हास्य व्यंग्य से जुड़ी अपनी रचनायें प्रस्तुत कीं। श्री प्रवीण शर्मा और रवि मालवीय ने भी अपनी काव्यात्मक प्रतिभा का परिचय दिया।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षक के रूप में सियाटेल वॉशिंगटन से आये हास्य और व्यंग्य रस के राजकुमार श्री अभिनव शुक्ल ने शुरू में अपनी अनोखी शैली में श्रोताओं को गुदगुदाया तत्पश्चात लगातार व्यंग्य और हास्य की फुहार से हिन्दी प्रेमी श्रोताओं को भाव विभोर किया और हँसा-हँसा कर लोट-पोट कर दिया।  वाह-वाह, हँसी के ठहाकों और तालियों की गड़गड़ाहट से समस्त  सभागृह गूँज उठा ...

लगभग चार घंटों तक सभी ने हास्य और रसमयी कविताओं का रसास्वादन किया। हास्य, व्यंग्य, गीतों तथा ग़ज़लों से सजी शाम के आयोजन का यह तीसरा वर्ष है जो की इस क्षेत्र में असामान्य और प्रशंसनीय है।

सभाग्रह में गर्भनाल एवं याहू ई-कविता ग्रुप की सदस्यता के लिए और कवियों की पुस्तकों और सी डी आदि के स्टाल भी लगाये गए थे जिसका लाभ उपस्थित श्रोताओं ने लिया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में अन्य लोगों के साथ नीता एवं प्रवीण शर्मा, अतुल अरोरा,  विपुल राठोड़, श्रीमती  सरोजा, रिता एवं दिलीप शेट, वंदना ताम्बी, रीतू नेगी, मो.सरदाना इनका योगदान सराहनीय है।

अंत में नन्द टोडी एवम सचिव संजीव ज़िदल ने काव्यमयी मधुर शाम के लिए सभी कवियों, अयोजनकों ऒर श्रोताओ को धन्यवाद दिया। सभी ने होली मिलन के उपलक्ष में जलपान किया।


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