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ISSN 2292-9754

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02.18.2015


सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' पुरस्कृत
माया भारती, ओस्लो, नार्वे

 सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद अलोक' को साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश का भवानी प्रसाद मिश्र पुरस्कार (2011) उनके कविता संग्रह 'गंगा से ग्लोमा तक' के लिए 9 फरवरी, 2015 को राज्य संग्रहालय भोपाल में प्रदान किया गया।

सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक' का जन्म 10 फरवरी 1954 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ। इनकी माँ का नाम किशोरी देवी और पिताजी का नाम बृजमोहन लाल शुक्ल था।

गत 35 वर्षों से नार्वे में हिन्दी की पत्रिकाओं 'परिचय' (1980 से 1985 तक) तथा 1988 से 'स्पाइल-दर्पण' पत्रिका का सम्पादन कर रहे हैं। हिन्दी में आठ कविता संग्रहों और तीन कहानी संग्रहों के रचनाकार सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद अलोक' ने अनेक कहानी संकलनों का सम्पादन किया है। नार्वे के प्रसिद्ध नाटककार हेनरिक इबसेन के नाटकों 'गुड़िया का घर', 'मुर्गाबी' और 'समुद्र की औरत' तथा क्नुत हामसुन के उपन्यास 'भूख' के अनुवाद के साथ-साथ आपने नार्वेजीय लोककथाओं और डेनमार्क के विश्व प्रसिद्ध लेखक एच.सी. अन्दर्सन की कथाओं का भी अनुवाद मूल से हिन्दी में किया है।

भारत से प्रकाशित राष्ट्रीय दैनिक देशबन्धु में सुरेशचन्द्र शुक्ल यूरोप संपादक हैं।


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