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07.01.2007
 
कृत्या-२००७
सुमन कुमार घई

 

२१ जुलाई, २००७ को तिरुवनन्तपुरम के विलोपिल्ले संस्कृति भवन में कृत्या का अंतर्राष्ट्रीय विविध भाषीय काव्योत्सव मनाया जाएगा। इसको काव्योत्सव न कह कर विविध कला उत्सव कहना अधिक उचित होगा। इस उत्सव में कविता, चित्रकला, नाट्य कला आदि का अद्‌भुत संगम देखने को मिलेगा। इसमें भाग लेने के लिए न केवल भारत के सभी कोनों से कलाकार आ रहे हैं अपितु विश्व के कई अन्य देशों के कलाकारों का भी संगम होगा। यू.एस.ए., आयरलैंड, चीन, कोरिया, जापान, क्रोएशिया और ईरान आदि देशों की कविता, अभिनय और चित्रकला को समाहित करता हुआ यह कार्यक्रम दो दिन चलेगा। इस में विभिन्न सत्रों में इन कलाओं को स्वतन्त्र रूप से और सम्मिश्रित रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्‌घाटन केरल के राज्यपाल महामहिम श्री आर.एल. भाटिया द्वारा होगा।

कृत्या ने जून, २००५ को ऐसे ही काव्योत्सव के साथ अपना पहला कदम लिया था। क्योंकि कृत्या की सम्पादिका, प्रकाशक और जन्मदात्री डॉ. रति सक्सेना का कहना है, कविता मात्र अक्षरों मे नहीं है, अन्य कलाओं जैसे अभिनय, नृत्य, संगीत और चित्रकारिता में भी है, इस लिए यह स्वाभाविक ही है कि इसके उत्सवों में इन सब कलाओं का समावेश हो।

कृत्या का दूसरा महोत्सव जम्मू के अभिनव थियेटर में मनाया गया। इस कार्यक्रम ने इस तथ्य को साहित्य जगत में स्थापित कर दिया कि कृत्या केवल अंतरजाल की एक हिन्दी
काव्य पत्रिका न होकर भारत के बहुभाषीय साहित्य और कला में एक सेतु है। यह एक मंच है जो कि विभिन्न भाषाओं, कलाओं और विचारों को प्रस्तुत करता है।
दूसरे कार्यक्रम की सफलता और नयी सोच को स्वीकृति देते हुए भारत के बहुत से समाचार पत्रों ने इसकी रिर्पोट को प्रकाशित किया।

इस वर्ष के कार्यक्रम में कृत्या एक और सीढ़ी चढ़ती हुई अंतर्राष्ट्रीय कलाओं को मंच प्रदान करेगी। इस कार्यक्रम के महत्त्व को इस तथ्य से भली-भाँति समझा जा सकता है कि अंतर्राष्ट्रीय और भारती कलाकार अपने जेब से खर्च करके इसमें भाग लेने के लिए आ रहे हैं। भारत में जम्मू से लेकर बेंगलोर तक, मुम्बई से लेकर असाम तक के कलाकार इसमें उपस्थित होकर इस उत्सव में सम्पूर्ण भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। निश्चय ही जो लेखक और कलाकार विदेशों से भाग लेने के लिए केरल आ रहे हैं, वह एक ही मंच पर भारत का यह एकात्मिक रूप देखकर प्रभावित होंगे।

साहित्य कुंज कृत्या संस्था और सहयोगियों को बधाई देते हुए कार्यक्रम की सफलता की शुभकामना करता है।



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