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ISSN 2292-9754

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02.28.2018


जो कहूँगी सच कहूँगी' पर परिचर्चा एवं संवाद
'द्वारा : प्रणीता  छायाचित्र : अर्शदीप सिंह  सहयोग : श्रेया श्रुति


23 फरवरी 2018 को वरिष्ठ कथाकार कमल कुमार की आत्मकथा 'जो कहूँगी सच कहूँगी' पर एक समृद्ध परिचर्चा और उपस्थित श्रोता अतिथिगण एवं लेखिका के बीच संवाद के साक्षी बने हम सब। कार्यक्रम का शुभारंभ ट्रस्ट की न्यासी एवं महासचिव डॉ. आरती स्मित द्वारा उपस्थित अतिथिगण के स्वागत एवं पुस्तक के उपहार से सम्मानित करने एवं ट्रस्ट के विषय में अति संक्षिप्त परिचय देने से हुआ। सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार एवं ट्रस्ट के संरक्षक डॉ. हरीश नवल ने इस कृति पर बेहद विश्लेषणात्मक

 समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा,लेखिका कमल कुमार ने आत्मकथा में जितने आयामों को प्रस्तुत किया और जितने सुंदर और सजग तरीक़े से उसे चित्रित किया, वह प्रशंसनीय है। वरिष्ठ साहित्यकार मृदुला गर्ग ने भी पुस्तक पर थोड़ा प्रकाश डालते हुए लेखिका को इस साहसिक लेखन के लिए बधाई दी। लेखिका ने आत्मकथा के विभिन्न पहलुओं को छूते हुए अपनी बात कही और संवाद के दौरान श्रोताओं के प्रश्नों के उत्तर दिए। वरिष्ठ साहित्यकार प्रोफ़ेसर निर्मला जैन की सधी हुई, मगर बेबाक टिप्पणी के साथ ही लेखिका से जुड़ी कुछ पुरानी बातों की चर्चा ने वातावरण को रोचकता के साथ ही ऊँचाई दी। इस कार्यक्रम में ट्रस्ट के सलाहकार प्रदीप सरकार की उपस्थिति भी रही। इस अवसर पर डॉ. के. श्रीनिवास राव, सचिव साहित्य अकादेमी, अवधेश कुमार सिंह, ओम सपरा, विभा देवसरे, वीरभूषण, बलराम अग्रवाल, कुमार अनुपम, अजय शर्मा एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की सक्रिय उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऊँचाई दी। ट्रस्ट के सभी कार्यक्रम अधिशासियों-- अजीत कुमार, प्रणीता, अर्शदीप सिंह, डॉ. मनाली राज एवं श्रेया श्रुति के बूँद-बूँद सहयोग और ट्रस्ट के प्रति समर्पण ने व्यवस्था बनाने और बनाए रखने में मदद दी। संयोजन संचालन आरती स्मित ने किया और धन्यवाद ज्ञापन करके न्यासी एवं अध्यक्ष ब्रजेन्द्र त्रिपाठी ने कार्यक्रम का समापन किया। आरती स्मित ने कहा, ट्रस्ट की ये युवा पीढ़ी ट्रस्ट का स्तम्भ हैं।


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