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| 03.08.2009 |
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गीतांजलि की दिल्ली शाखा का शुभारंभ |
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चित्र में बाएँ से – डॉ. जया वर्मा, श्रीमती कुसुम वीर, डॉ. कमल किशोर गोयनका, श्री दिनेश मिश्र, डॉ. कृष्ण कुमार और डॉ. कुंवर बेचैन
नई दिल्ली,
विगत दिनों साहित्य अकादमी के सभागार में बहुभाषीय साहित्यिक समुदाय,
बर्मिंघम,
यू.के. की संस्था गीतांजलि की दिल्ली शाखा का शुभारंभ दिल्ली के प्रतिष्ठित
साहित्यकारों,
भाषाविदों,
कवियों,
विद्वानों,
समालोचकों व गणमान्य हिंदी प्रेमियों के सान्निध्य में किया गया। इसमें एक
स्वर में यह शपथ ली गई कि भारतीय एकता व अखण्डता हेतु देशभर में बोली जाने
वाली भाषाओं के सम्यक विकास हेतु योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया जाएगा। इस
संस्था का कार्य भाषा के विकास के साथ-साथ भारतीय संस्कृति के विभिन्न
घटकों के विकास कार्य भी होगा। इस अवसर पर बर्मिंघम,
यू.के. की संस्था गीतांजलि के अध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार ने अपने उद्बोधन
भाषण में कहा कि इस संस्था का उद्देश्य अपने विवेक से भारतीय भाषा,
साहित्य और संस्कृति का प्रचार-प्रसार और उसकी रक्षा करना है। यह संस्था
कोई ऐसा मंच नहीं है जिससे धनार्जन किया जाए,
केवल वही जुड़ें जो तन-मन से राष्ट्र-सेवा के लिए तत्पर हों। उन्होंने
स्पष्ट किया कि इस संस्था के लिए भारत की सभी भाषाएँ समान महत्व रखती हैं।
जहाँ तक हिंदी की बात है भविष्य की हिंदी ऐसी हो जो आम भारतीय आसानी से समझ
सके,
जिसमें सभी भारतीय भाषाओं के शब्द शामिल हों।
इस संस्था की संरक्षक श्रीमती कमला सिंघवी और परामर्शदाता श्री दिनेश मिश्र
होंगे। इसकी कार्यकारिणी में श्री संतोष कुमार खरे,
डॉ. वी.रा. जगन्नाथन,
डॉ. अजय गुप्ता,
डॉ. सरोजिनी प्रीतम,
श्री राकेश दूबे एवं डॉ. वेद मित्र शुक्ल होंगे। श्रीमती कुसुम वीर
संस्थापक अध्यक्ष घोषित की गईं।
इस समारोह के अवसर पर उपस्थित कवियों ने अपनी-अपनी मातृ भाषाओं में
भाव-विभोर करने वाली कविताएँ सुनाईं। ऐसे कवियों में डॉ. वी.रा. जगन्नाथन
ने तमिल,
श्रीमती हिंगोरानी ने सिंधी,
श्री भावुक भोजपुरी तथा अनेक कवियों ने मन को छू लेने वाली कविताओं से सबका
मन मोह लिया।
इस समारोह में उपस्थित विद्वानों में डॉ. कमल किशोर गोयनका,
डॉ. कुंवर बेचैन,
डॉ. सरोजनी प्रियतम,
डॉ. गंगा प्रसाद विमल,
डॉ. श्रीमती शारदा कपूर,
डॉ. जया वर्मा,
श्रीमती कुसुम वीर,
श्रीमती अरुण सब्बरवाल,
शमशेर अहमद खान,
डॉ. पुष्पा सिंह विसेन,
श्रीमती किरण सक्सेना,श्री
संदलेश,
मेधा प्रकाशन से श्री अजय सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। |
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