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ISSN 2292-9754

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10.29.2014


‘अद्यतन जनसंचार माध्याम’ पर राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न
डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा
(सह-संपादक ‘स्रवन्ति’), प्राध्यापक, उच्च शिक्षा और शोध संस्थान
दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, खैरताबाद, हैदराबाद – 500 004


कमलनगर में आयोजित द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में दीप प्रज्वलित करते हुए प्रो. ऋषभदेव शर्मा, डॉ. श्रीराम परिहार, डॉ. अजय गव्हाणे एवं अन्य

कमलनगर (जिला बीदर, 29.10.2014) - गुलबर्गा विश्वविद्यालय से संबद्ध श्री सिद्धरामेश्वर महाविद्यालय, कमलनगर (जिला बीदर), कर्नाटक में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सहयोग से ‘अद्यतन जनसंचार माध्याम: साहित्यिक तथा सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में’ विषय पर द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न हुई। संगोष्ठी का उद्घाटन सत्र में ख्यातिलब्ध हिंदी साहित्यकार डॉ. श्रीराम परिहार ने की तथा बीज वक्तव्य दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के आचार्य डॉ. ऋषभदेव शर्मा ने दिया।


कमलनगर में आयोजित द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के ‘मास मीडिया में बढ़ता बाजारवाद’ विषयक विचार सत्र में विषय प्रवर्तन करते हुए डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा. साथ में डॉ. डॉ. वी.जी. भंडे, श्रीमती कलपना एवं अन्य

इस अवसर पर चार सत्रों के अंतर्गत क्रमशः मास मीडिया में बढ़ता बाजारवाद, संचार माध्यम और साहित्य की भाषायी अस्मिता, मास मीडिया और सांस्कृतिक संकट तथा मास मीडिया पर चिंतन की आवश्यकता जैसे विविध पहलुओं पर गंभीर विचार विमर्श हुआ। विभिन्न सत्रों में डॉ. वी.जी. भंडे, डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा, डॉ. काशीनाथ अम्बुलगे, डॉ. अशोक कांबले, डॉ. परिमला अम्बेकर, डॉ. के.वी. बिरादार, डॉ. नरसिंह प्रसाद दुबे और डॉ. नरवीर पाटिल ने विषय प्रवर्तक और मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। सभी सत्रों में कर्नाटक और महाराष्ट्र के विविध अंचलों से आए हुए प्रतिभागियों ने शोधपत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संयोजन प्राचार्य डॉ. वी.जी. भंडे और प्रो. नरवीर पाटिल ने किया।


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