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ISSN 2292-9754

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02.08.2016


"मेरा मन मेरे रंग" में रँगा बालमन
85 बाल रचनाकारों की सहभागिता
पल्लव

दिल्ली - बाल रचनाकारों की राष्ट्रीय पत्रिका "अभिनव बालमन" द्वारा ए -ब्लॉक (ग्रीन बेल्ट) पार्क, रोहिणी सेक्टर-11 , दिल्ली में चित्रकला प्रतियोगिता "मेरा मन मेरे रँग" का निशुल्क आयोजन कराया गया। 85 बाल रचनाकारों ने अपनी सहभागिता से ये दर्शा दिया कि वो हमेशा तैयार हैं कुछ न कुछ रचनात्मक करने के लिए, बस उन्हें मंच मिलना चाहिए और जब बच्चों की रचनात्मकता को मंच प्रदान करने की बात हो तो जगह कोई भी हो, अभिनव बालमन हमेशा उनके साथ है।

आयोजन की संयोजिका एवं अभिनव बालमन की दिल्ली प्रतिनिधि प्रवीण गोला ने वहाँ आए हुए बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें उनके मन के द्वारा सोची हुई चित्रकारी करने का मौक़ा दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे रचनात्मक होते हैं, उन्हें इस तरह के मौक़े देना बहुत ज़रूरी है ताकि वह रचनात्मक बन सकें और ऐसे मौक़े अभिनव बालमन पत्रिका निरंतर प्रदान करती रहेगी।

इसमें 85 बाल रचनाकारों ने अपनी कोमल कल्पनाओं को मन के रंग से रँगकर आकर्षक चित्रकारी की। भूमि, जल, पेड़-पौधे और और बिजली के संरक्षण जैसे चित्रों ने ये साबित कर दिया कि हमारी दिल्ली इन सभी विषयों को लेकर बहुत चिन्तित है। कार्टून करैक्टर, खिलते फूल, प्रकृति, हिन्दू देवी-देवताओं के चित्र आदि विभिन्न भावों को व्यक्त करते चित्र बालमन की कोमल कल्पनाओं को स्पष्ट रूप से परिलक्षित कर रहे थे। जब हम किसी बच्चे को किसी विशेष टॉपिक पर चित्र बनाने को कहेंगे तो उसकी सोच सीमित होगी, लेकिन "मेरा मन मेरे रँग" में इस तरह की आज़ादी पाकर सभी बाल रचनाकारों ने अपनी अलग सोच को चित्रकारी के माध्यम से व्यक्त किया। अच्छी बात यह थी कि वो समस्याओं में नहीं उलझे। सभी चित्रों में सकरात्मक चित्रण था।

अभिनव बालमन के संपादक निश्चल ने कहा कि अभिनव बालमन का उद्देश्य ही बच्चों को सशक्त मंच प्रदान करना है।

आयोजन में 20 बाल रचनाकारों ने बालमन के स्वयंसेवक के रूप में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

इस अवसर पर अंजनी एजुकेशन ट्रस्ट एवं अभिनव बालमन टीम के प्रदीप कुमार, मनीष गोला, मैडम मनीषा, मास्टर तोषित दक्ष, स्वयंसेवक सुकृति और उन्नति भी वहाँ उपस्थित रहे और अपना सहयोग दिया।


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