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ISSN 2292-9754

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02.08.2016


अवनीश सिंह चौहान को "शकुंतला प्रकाश गुप्ता साहित्य विभूति सम्मान"
डॉ. अवनीश सिंह गुप्ता

मुरादाबाद (मंगलवार 19 जनवरी 2016): मानसरोवर कन्या इंटर कालेज में मंगलवार को मानसरोवर एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा साहित्य और कला विभूति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह का आयोजन फाउंडेशन की संस्थापिका व शिक्षाविद् स्व. शकुंतला प्रकाश गुप्ता की पुण्य स्मृति पर किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर अतिथि मौजूदा पुलिस उप महानिरीक्षक श्री ओंकार सिंह, वन संरक्षक श्री कमलेश कुमार, संयुक्त शिक्षा निदेशक श्री योगेंद्र नाथ सिंह, नागरिक सुरक्षा के सहायक उपनियंत्रक श्री ऋषि कुमार एवं श्री ओमप्रकाश गुप्ता ने दीप प्रज्जवलन के साथ किया। इसके बाद संगीतकार शिल्पी सक्सेना एवं राकेश कुमार ने सरस्वती वंदना एवं भजन प्रस्तुत कर शमा बाँध दिया।

इसी क्रम में श्री ओंकार सिंह, श्री कमलेश कुमार, श्री योगेंद्र नाथ सिंह एवं श्री ओमप्रकाश गुप्ता के कर-कमलों से साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले वेब पत्रिका पूर्वाभास के संपादक, साहित्यकार डॉ अवनीश सिंह चौहान को "शकुंतला प्रकाश गुप्ता साहित्य विभूति सम्मान" से सम्मानित किया गया। डॉ, चौहान अंग्रेज़ी और हिन्दी दोनों भाषाओँ में लेखन और संपादन कार्य करते रहे हैं। आपकी आधा दर्जन से अधिक अंग्रेज़ी भाषा की पुस्तकें कई विश्वविद्यालयों में पढ़ी-पढाई जा रही हैं। आपका गीत संग्रह "टुकड़ा कागज़ का" काफ़ी चर्चित हुआ। आपने "बुद्धिनाथ मिश्र की रचनाधर्मिता" पुस्तक का संपादन और बी.एस. गौतम "अनुराग" की हिन्दी कविताओं का अंग्रेज़ी में अनुवाद ("बर्न्स विदिन" शीर्षक से प्रकाशित) भी किया है। आपको उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान- लखनऊ का "हरिवंशराय बच्चन युवा गीतकार सम्मान" सहित कई अन्य सम्मान प्रदान किये जा चुके हैं।

इस अवसर पर संगीत के क्षेत्र में भातखंडे संगीत संस्थान, लखनऊ (उ.प्र.) से डॉ. ऊषा बनर्जी, एमआईटी शिक्षण संस्थान, मुरादाबाद के संस्थापक-शिक्षाविद् श्री आदर्श अग्रवाल, समाजसेवी श्री लक्ष्मण प्रसाद खन्ना एवं समाजसेवी श्री विचित्र शर्मा को "शकुंतला प्रकाश गुप्ता साहित्य एवं कला विभूति सम्मान" से सम्मानित किया गया। साथ ही चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यालय के छात्र-छात्राओं को भी प्रशस्तिपत्र प्रदान किये गए। तदुपरांत डॉ. अवनीश सिंह चौहान और डॉ. ऊषा बनर्जी ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। डॉ. चौहान ने अपना प्रतिनिधि गीत : "संशय है / लेखक पर / पड़े न कोई छाप" का पाठ किया, जबकि डॉ. बनर्जी ने एक भजन: "मोरी चुनरी में पर गयो दाग री, ऐसो चटक रंग डारो" प्रस्तुत किया।

अपने उद्बोधन में सम्मानित व्यक्तित्वों को बधाई देते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक श्री ओंकार सिंह ने कहा कि स्व. शकुंतला प्रकाश गुप्ता की स्मृति में किया गया यह आयोजन अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे साहित्य, कला एवं संगीत के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा। समाजसेवी लक्ष्मण प्रसाद खन्ना ने स्व. शकुंतला प्रकाश गुप्ता की स्मृतियों को नमन करते हुए उनके जीवन से जुडी कुछ घटनाओं को ज़िक्र किया और सभी अतिथियों/आगंतुकों को कार्यक्रम में पधारने के लिए आभार व्यक्त किया। शब्दों के जादूगर बाबा संजीव आकांक्षी ने कहा कि यह विद्यालय परिवार एक लम्बे अरसे से इस महानगर में बेहतरीन कार्य कर रहा है, जिसकी जितनी प्रसंशा की जाय कम है। बड़े भाई जुगनू जादूगर जी ने कहा कि मेरी माताजी स्व. शकुंतला प्रकाश गुप्ता जी मेरी प्रेरणास्रोत रहीं हैं। इस सम्मान समारोह के बहाने हम उन्हें याद तो करते ही हैं, उनके कृतित्व से हमें प्रेरणा भी मिलती है।

इस मौके पर आचार्य राजेश शर्मा, डॉ जगदीप कुमार, सुश्री रीता सिंह, श्री परवेन्द्र सिंह, श्री पंकज गुप्ता, श्री संतराम दास, डॉ. दीपक राज गर्ग, श्री संजीव ठाकुर, डॉ. हिमांशु यादव, डॉ. बी.एन. के. जौहरी, श्री अशोक अग्रवाल, श्री पंकज कुमार गुप्ता, श्री विनय कुमार गुप्ता, श्री राजीव विश्नोई, श्री उदय "अस्त", डॉ. पूनम बंसल, श्री रामदत्त द्विवेदी, श्री रामेश्वर वशिष्ठ, श्री जितेंद्र जौली, श्री धवल दीक्षित, श्री डी.डी. गुप्ता, श्री अनुज गुप्ता एडवोकेट, श्री परविन्द्र सिंह, श्री ललित शेखावत, सुश्री सुनीता सिंघल एडवोकेट, श्री वी राज, श्री शोभित गुप्ता, श्री हर्षित गुप्ता, विद्यालय के छात्र-छात्राएँ एवं स्टॉफ सहित अनेकों गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन समाजसेवी श्री ओमप्रकाश गुप्ता और सफल संचालन डॉ. अम्बरीश गर्ग ने किया।


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