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ISSN 2292-9754

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10.03.2014


सुनील गज्जाणी को द्वितीय पुरस्कार राष्ट्रीय काव्य प्रतियोगिता में!
विशेष संवाददाता द्वारा

बीकानेर के हिंदी - राजस्थानी के युवा साहित्यकार सुनील गज्जाणी को उनकी कविता ''मित्र! तुम शहर मत आना।" को राष्ट्रीय काव्य प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। ये पुरस्कार सुनील गज्जाणी को भिलाई (छत्तीस गढ़) में एक समारोह के दौरान आगामी 5 अक्टूबर को प्रदान किया जाएगा जाएगा। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर डॉक्टर सुभद्रा खुराना (भोपाल) और तृतीय पर श्री मुकुंद कौशल (दुर्ग) रहे तथा सांत्वना पुरस्कार श्री रमेश कुमार सोनी (बसना) और एस एस लाल बट्टा (भोपाल) को दिया जाएगा।

हिंदी के अतिरिक्त द्वारा तेलुगु भाषा हेतु भी काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है।
भिलाई वाणी द्वारा प्रति वर्ष आयोजित होने वाली इस काव्य प्रतियोगिता के भिलाई वाणी के तेहरवें संस्करण में भारत वर्ष के भिन्न-भिन्न अंचलों से साहित्यकारों ने अपनी भागीदारी निभायी थी।

गौरतलब है कि सुनील गज्जाणी को हाल ही में जवाहर कला केंद्र, जयपुर द्वारा आयोजित लघु नाट्य प्रतियोगिता में उनके नाटक ''अन हेडेड फेस'' को पुरस्कृत करने की घोषणा हो चुकी है। तथा उनकी राजस्थानी बाल नाट्य पुस्तक "बोई काट्या हे'' के लिए वर्ष 2013 का ''चंदर सिंह बिरकाळी'' पुरस्कार दिये जाने कि भी घोषणा की गयी है।

युवा साहित्यकार सुनील गज्जाणी कि अभी तक तीन पुस्तकें ''ओस री बूँदा'' (राजस्थानी काव्य संग्रह) ''किनारे से परे व अन्य नाटक'' (हिंदी लघु नाट्य संग्रह) एवं "बोई काट्या हे" (राजस्थानी बाल नाटक) प्रकाशित हुईं है। गौरतलब रहे कि ''ओस री बूँदा'' को ''मूल चन्द प्राणेश स्मृति एवार्ड'' प्राप्त हो चुका है।

गद्य-पद्य विधाओं मे समान रूप से लिखने वाले कवि, नाटककार सुनील गज्जाणी कि रचनायें भिन्न-भिन्न प्रतिष्ठित देश-विदेश कि पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहतीं है तथा अन्तरजाल पर भी निरन्तर सक्रियता से अपनी अभिव्यक्ति प्रदान करते रह्ते हैं।

हाल ही में हिंदी साहित्य सम्मेलन के मुंबई अधिवेशन में भागीदारी करने लघु कथाकार सुनील गज्जाणी को गत वर्ष "राष्ट्र भाषा गौरव'' की मानद उपाधि से इलाहाबाद द्वारा सम्मानित किया गया था।

ब्लॉगर एवं साहित्यिक संस्थान ''बुनियाद'' के अध्यक्ष सुनील गज्जाणी की इस उपलब्धि पर नगर के रचनाकारों सहित रंगकर्मियों संजय आचार्य 'वरुण' हरीश बी शर्मा, रमेश भोजक ''समीर'' राम सहाय हर्ष , इरशाद अज़ीज, अजित राज, संजय पुरोहित, आत्मा राम भाटी, राजेश ओझा, शिवा जी आचार्य, गिरीश पुरोहित, नरेंद्र व्यास आदि ने प्रसन्नता व्यक्त की। 


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