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ISSN 2292-9754

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01.02.2015


सुनील गज्जाणी को ''काव्य-कुमुद'' राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान प्रदान
विशेष संवाददाता द्वारा

बीकानेर --बीकानेर के हिंदी -राजस्थानी के युवा कवि, नाटककार, लघु कथाकार, बाल साहित्यकार सुनील गज्जाणी को हिंदी-राजस्थानी में अपनी लेखनी द्वारा योगदान प्रदान करने हेतु साहित्यिक संस्थान अखिल भारतीय साहित्य संगम, उदयपुर द्वारा वर्ष 2014 की राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान उपाधि ''काव्य-कुमुद'' प्रदान की गयी है। गौरतलब रहे कि ये सम्मान/उपाधि राष्ट्रीय स्तर पर संस्थान द्वारा प्रदान की जाती है।

सम्मान प्रदान करते हुए संस्थान के अध्यक्ष श्री अनोखी लाल कोठारी तथा महासचिव श्री इकबाल तथा संरक्षक श्री देवेन्द्र कुमार मिश्रा सहित संस्थापक श्री ओम पारदर्शी ने गज्जाणी के उज्जवल साहित्यक जीवन की कामना करते हुए सम्मानोपाधि प्रदान की।

जैसे की आप को विदित होगा की इस से पूर्व गज्जाणी को उनकी बाल राजस्थानी नाट्य कृति ''बोई काट्या है'' के लिए राष्ट्रीय बाल समारोह अंतर्गत '''चन्दर सिंह बिरकाळी पुरस्कार'' प्राप्त हो चुका है तथा राष्ट्रीय काव्य प्रतियोगिता में कविता ''मित्र! तुम शहर मत आना'' के लिए द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।

गद्य-पद्य विधाओं मे समान रूप से लिखने वाले कवि, नाटककार सुनील गज्जाणी कि रचनाये भिन्न-भिन्न प्रतिष्ठित देश-विदेश कि पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं तथा अन्तरजाल पर भी निरन्तर सक्रियता से अपनी अभिव्यक्ति प्रदान करते रह्ते है।

सुनील गज्जाणी को गत वर्ष "राष्ट्र भाषा गौरव'' की मानद उपाधि से इलाहाबाद द्वारा सम्मानित किया गया था।

ब्लॉगर एवं साहित्यिक संस्थान ''बुनियाद'' के अध्यक्ष सुनील गज्जाणी की इस उपलब्धि पर नगर के रचनाकारों सहित रंगकर्मियों संजय आचार्य 'वरुण', हरीश बी शर्मा, रमेश भोजक ''समीर'', राम सहाय हर्ष, इरशाद अज़ीज, अजित राज. संजय पुरोहित, आत्मा राम भाटी,राजेश ओझा, शिवा जी आचार्य, गिरीश पुरोहित, मीनाक्षी स्वर्णकार, राजाराम स्वर्णकार, सुनीलम पुरोहित, उदय व्यास, रोहित बोड़ा, जयदीप उपाध्याय, नरेंद्र व्यास आदि ने प्रसन्नता व्यक्त की।


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