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ISSN 2292-9754

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01.04.2015


गुलाबचन्द यादव के ललित निबंध संग्रह “क्षमा करें, मैं हिन्दी अखबार नहीं पढ़ता”
का लोकार्पण समारोह
प्रस्तुति: गुलाबचन्द यादव


गुलाबचन्द यादव के ललित निबंध संग्रह “क्षमा करें, मैं हिन्दी अखबार नहीं पढ़ता” का विमोचन करते हुए समारोह अध्यक्ष डॉ. दामोदर खड़से। उनकी दाहिनी ओर खड़े हैं डॉ. सुधाकर मिश्र और डॉ. शीतला प्रसाद दुबे और बाईं ओर खड़े हैं- डॉ. शोभनाथ यादव, गुलाबचन्द यादव और श्री देवमणि पाण्डेय

01 जनवरी 2015

गुलाबचन्द यादव की पहली कृति “क्षमा करें, मैं हिन्दी अखबार नहीं पढ़ता” (ललित निबंध संग्रह) का लोकार्पण समारोह महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी के कार्याध्यक्ष डॉ. दामोदर खड़से की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन जनवादी लेखक संघ, मुंबई और परिदृश्य प्रकाशन, मुंबई के संयुक्त तत्त्वावधान में 25 दिसंबर 2014 को राहुल बी एड कॉलेज, भाईन्दर (पूर्व) में किया गया था।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रसिद्ध कवि एवं मंच संचालक श्री देवमणि पाण्डेय

इस समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि साहित्यकार डॉ. सुधाकर मिश्र, डॉ. शोभनाथ यादव एवं डॉ. शीतला प्रसाद दुबे उपस्थित थे। लोकार्पण के बाद इस कृति पर समीक्षात्मक वक्तव्य के रूप में श्री हृदयेश मयंक, डॉ. राजेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. सुलभा कोरे, डॉ. अनंत श्रीमाली और श्री रमन मिश्र ने अपने विचार व्यक्त किए। पहली पुस्तक के उपलक्ष्य में श्री रामखेलावन यादव (सेवा निवृत्त, उप प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय, पवई) ने शाल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ देकर श्री गुलाबचन्द यादव का स्वागत किया।

समारोह अध्यक्ष डॉ. दामोदर खड़से ने श्री यादव के निबंधों के लालित्य एवं वैविध्य की प्रशंसा की और इसे रोचक और पठनीय पुस्तक बताया। अन्य अतिथियों एवं समीक्षकों ने भी निबंधों की विषय-वस्तु एवं भाषा शैली की बुनावट को सराहनीय बताया।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में साहित्यकार श्री रमेश यादव ने सभी का स्वागत करते हुए अतिथियों का परिचय दिया। कार्यक्रम का सूत्र संचालन जाने-माने कवि एवं मंच संचालक श्री देवमणि पाण्डेय ने किया और श्री रामविचार यादव ने धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रबुद्ध श्रोता उपस्थित थे।


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