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| 09.13.2008 |
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मिसीसागा में कवि गोष्ठी |
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बाएँ से दाएँ सुरेन्द्र पाठक,
भगवत शरण श्रीवास्तव और पाराशर गौड़
गत शनिवार
13
मई को श्री निर्मल सिद्धू के घर एक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। पिछले
चार सालों से मिसीसागा में हो रही कवि गोष्ठियों की यह एक अगली कड़ी थी। इस
गोष्ठी में टोरोंटो क्षेत्र के कई नामवर कवियों ने भाग लिया जिनमें श्रीमती
स्नेह ठाकुर,
श्रीमती भुवनेश्वरी पाण्डे,
श्रीमती लता पाण्डे,
श्री भगवत शरण श्रीवास्तव,
श्री सरन घई,
श्री संदीप त्यागी,
श्री सुरेन्द्र पाठक और स्वयं श्री निर्मल सिद्धू के नाम उल्लेखनीय हैं।
दोपहर बाद
चाय नाश्ते के उपरांत गृहस्वामिनी श्रीमती गुरमेल सिद्धू ने माँ सरस्वती के
चरणों में दीप प्रज्जवलित कर गोष्ठी का श्रीगणेश किया। श्रीमती स्नेह ठाकुर
ने संचालन का भार संभाला। गोष्ठी का आरम्भ श्री पाराशर गौड़ की रसमयी आवाज़
के साथ हुआ। गोष्ठी में लता पाण्डे,
निर्मल सिद्धू,
संदीप त्यागी,
भगवत शरण श्रीवास्तव से लेकर सुरेन्द्र पाठक,
सरन घई और भुवनेश्वरी पाण्डे ने अपनी सुन्दर व सटीक रचनाओं से भरपूर योगदान
दिया। इस तरह कविताओं के तीन दौर चले। श्रोताओं ने जीवन के उतार-चढ़ाव व
तरह-तरह की भावनाओं को उजागर करतीं इन कविताओं का भरपूर आनन्द लिया। अन्त
में श्री निर्मल सिद्धू आये हुए तमाम कवियों व श्रोताओं का धन्यवाद किया और
उन्हें भोजन किये बिना न जाने का आग्रह किया। इस तरह यह स्मरणीय गोष्ठी अति
सुन्दर व सुहृदय वातावरण में भोजन के पश्चात समाप्त हुई। इस तरह की गोष्ठियों का साहित्य की उन्नति में विशेष योगदान रहता है। आशा है की जाती है कि आने वाले समय में नये कवि और कवयित्रियाँ सामने आयेंगी ताकि हमारा साहित्य-समाज और भी तरक्की करे। |
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