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ISSN 2292-9754

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06.20.2016


हिन्दी राइटर्स गिल्ड की जेठ मास की गोष्ठी और ख़ुमारी का लोकार्पण
सविता अग्रवाल "सवि"

कुलदीप आ्हलुवालिया को हस्ता्क्षतित प्रति देते हुए जसबीर कालरवी, पीछे खड़े हैं डॉ. जगमोहन सांगा

 ११ जून २०१६ : कैनेडा की जानी-मानी बहुआयामी संस्था ‘हिन्दी राइटर्स गिल्ड’ की जून माह की गोष्ठी चिंगुकुज़ी लाइब्रेरी, १५० सेंट्रल पार्क ड्राइव, ब्रैम्पटन दोपहर २ से ५ बजे तक बड़े हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुयी। जसबीर कालरवी अभी तक उन्नीस पुस्तकें लिख चुके हैं। जेठ की अलसाई गुनगुनाती दुपहरी का आनंद उठाने के लिए लगभग ४० लेखक और कवि एकत्रित हुए। इस गोष्ठी की विशेषता यह थी कि टोरोंटो के जाने-माने लेखक श्री जसबीर कालरवी की नई पुस्तक “ख़ुमारी’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम का संचालन हिंदी रायटर्स गिल्ड की सक्रिय सदस्या श्रीमती प्रेमलता पाण्डेय ने सभी उपस्थित लेखक, लेखिकाओं और श्रोताओं का अभिनन्दन करते हुए प्रारंभ किया। सर्वप्रथम लेखक श्री जसबीर कालरवी का परिचय कराया गया और उन्हें अपनी नई पुस्तक “ख़ुमारी” के विषय में कुछ कहने के लिए मंच पर आमंत्रित किया गया। जसबीर जी ने “ख़ुमारी” से कुछ गज़लें श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत कीं। जिन्हें सभी ने बार-बार करतल ध्वनि से सराहा। इसके पश्चात श्री सुमन कुमार घई, श्री निर्मल सिद्धू, डॉ. शैलजा सक्सेना, डॉ. इंदु रायजादा और श्रीमती प्रमिला भार्गव ने कालरवी जी के ग़ज़ल संग्रह “ख़ुमारी” के बारे में अपने अपने विचार व्यक्त किये और बताया कि जीवन के हर पहलू के दर्शन उनके ग़ज़ल संग्रह में निहित हैं।

तत्पश्चात टोरंटो के जाने माने गायक श्री इक़बाल बरार ने हारमोनियम पर कालरवी जी की दो ग़ज़लों; कब कहाँ कैसे हुआ ... और ज़िंदगी के नाम पर ... का गायन प्रस्तुत किया जिसका सबने भरपूर आनंद उठाया।

कार्यक्रम के दूसरे भाग में कवि गोष्ठी आयोजित की गयी जिसमें सर्वप्रथम श्री अजय गुप्ता ने हास्य रस की कविता “चूना लगा जाएगा” का पाठ किया। फिर श्री किशोर कांत द्विवेदी जी ने अपनी एक ग़ज़ल और दो छोटी छोटी कविताओं का पाठ किया। इसके बाद श्रीमती कृष्णा वर्मा, श्रीमती इंद्रा वर्मा, श्री तलविंदर भंड, डॉ जगमोहन सांघा, श्रीमती भुवनेश्वरी पाण्डे, श्री संजीव अग्रवाल, श्रीमती रिन्टू भाटिया, श्रीमती कैलाश महंत, श्रीमती पूनम चंद्रा ‘मनु’, श्री निर्मल सिद्धू और श्रीमती सविता अग्रवाल ने अपनी अपनी कवितायेँ, गीत और ग़ज़ल, हाइकू, क्षणिकाएं इत्यादि प्रस्तुत किये जिसका सबने जी भर आनंद उठाया।

अल्पाहार का आयोजन श्री जसबीर कालरवी की ओर से किया गया था जिसका सबने गमगाराम चाय की चुस्कियों के साथ रसास्वादन किया।


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