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| 09.13.2008 |
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भारत के गणन्त्र दिवस पर विशाल कवि दरबार का आयोजन |
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जनवरी
28,
2007
को वैंकूवर,
कैनेडा में भारतीय कौंसलावास में एक विशाल कवि दरबार का आयोजन हुआ। यह कवि
दरबार भारतीय कोंसुलेट जनरल और हिन्दी लिटरेरी सोसाइटी (कनाडा) के संयुक्त
तत्वावधान में,
कौंसुलेट जनरल श्री ज़िले सिंह के प्रोत्साहन से आयोजित किया गया। इस कवि
दरबार का उद्देश्य भारतीय संस्कृति को और विश्व सौहार्द को गणतन्त्र दिवस
पर प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम
श्री ज़िले सिंह के स्वागतीय संदेश से प्रारम्भ हुआ और उसके बाद भारतीय
राष्ट्रगान में सभी ने भाग लिया। श्री ज़िले सिंह ने भारतीय संविधान की
मुख्य विशेषताओं का उल्लेख किया जैसे कि -मौलिक अधिकार,
धर्म निरपेक्षता,
न्यायिक सर्वोच्चता और लोकतांत्रिक चुनाव से सरकार की स्थापना। हिन्दी
लिटरेरी सोसाइटी के अध्यक्ष आचार्य द्विवेदी ने बहुत ही रोचक और ज़िन्दादिली
से कवि दरबार का संचालन किया। इस समाज के प्रसिद्ध लेखकों ने,
जैसे कि नदीम,
ग्यानी कोटली,
मंसूर्,
दशमेश "फ़िरोज़",
गुरदर्शन बादल,
मधु शर्मा,
डॉ. कंग,
रशपाल,
डॉ. जोगी ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं।
श्री नदीम
ने कार्यक्रम
की अध्यक्षता की और कार्यक्रम में भाग लेने वालों का और आयोजकों का धन्यवाद
किया।
अर्चना
हरित,
जो
कि "शेरे पंजाब" लोकप्रिय रेडियो के प्रसारण से सम्बन्धित हैं ने अपने
सहयोगिओं के साथ मिल कर यह कवि दरबार रेडियो प्रसारण से हज़ारों श्रोताओं तक
पहुँचाया। अंत में श्रोताओं ने कौसुलेट द्वार दिये गए अल्पाहार का आनन्द
उठाया। अर्चना हरित ने यह भी घोषणा की कि यह कार्यक्रम बाद में
ATN
द्वारा
दूरदर्शन पर भी प्रसारित किया जाएगा।
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