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08.01.2008
 

महाकवि प्रो. हरिशंकर आदेश जी भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित होंगे


महाकवि प्रो. हरिशंकर आदेश को 7 जनवरी, 2005 को राष्ट्रपति भवन में भारत के राष्ट्रपति द्वारा डॉ. मोटूरि सत्यनारायण पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। इस पुरस्कार की घोषणा पिछले वर्ष की गई थी परन्तु समारोह इस वर्ष जनवरी में होना निश्चित हुआ है और महाकवि आदेश, जो कि टोरोंटों में रहते हैं को भारत आमन्त्रित किया गया है।

यह पुरस्कार विदेश में हिंदी भाषा या साहित्य के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के उपलक्ष्य में भेंट किया जाता है। महाकवि हरिशंकर आदेश ने लगभग 200 से अधिक पुस्तकें लिखीं हैं जिनमें दो महाकाव्य (अनुराग और शकुन्तला) भी सम्मिलित हैं।  उनके द्वारा लिखा गया तीसरा महाकाव्य दमयन्ती प्रकाशनाधीन है। अभी तक हिन्दी साहित्य के इतिहास में इतने महाकाव्य किसी भी कवि ने नहीं लिखे हैं।

महाकवि आदेश का कार्यक्षेत्र भारत, ट्रिनिडाड-टुबेगो, यू.एस.ए. और कैनेडा रहा है और उन्होंने हिन्दी साहित्य के अतिरिक्त भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अतुलनीय योगदान दिया है। उनके द्वारा स्थापित भारतीय विद्या संस्थान की शाखायें अब विभिन्न देशों में इसी क्षेत्र में कार्यरत हैं।



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