हँस-हँस गाने गाएँ हम !
कवि : डॉ. महेन्द्र भटनागर


कविता

वर्षा
खेलें खेल
अच्छे लड़के
जागो
माँ
हम ....
काम हमारा
हमारा देश
हिमालय
दीपावली
सबेरा
बादल
चाँद
किशोर
हम मुसकराएँगे
महान् ध्रुव