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06.02.2008

सञ्जीवनी
रचनाकार
: सीमा सचदेव

ब्रजबाला - भूमिका
सीमा सचदेव

ब्रजबाला मे श्री राधा-कृष्ण के अमर प्रेम को व्यक्त करने का एक अति लघु प्रयास है। जब श्री राधा जी को पता चलता है कि श्री कृष्ण ब्रज छोड़ कर मथुरा जाने वाले है तो तो वह व्याकुल हो उठती है। इसी का वर्णन इस कविता के माध्यम से किया गया है। यह पाँच भागों में विभक्त है :

1.      प्रार्थना

2.      व्याकुल मन

3.      शक्ति स्वरूपिणी राधा

4.      देव स्तुति

5.      राधा-कृष्ण संवाद


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