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06.04.2008

सञ्जीवनी - सर्ग : ब्रजबाला
रचनाकार
: सीमा सचदेव

देव स्तुति
सीमा सचदेव

जय कृष्ण कृष्ण जय जय गोपाल
जय गिरधारी जय नंदलाल
जय कृष्ण कन्हैया मुरलीधर
जय राधा वल्लभ जय नटवर
जै बंसी बजैया मन मोहन
हम आए हैं तेरी शरणम
जय जय गोविंद जय जय गोपाल
जै रास रचैया दीन दयाल
जय जय माधव जय मुरलीधर
हम आए तेरे दर नटवर
जय रसिकेश्वर जै जै घनश्याम
हे मन भावन हे सुंदर श्याम
जय ब्रजेश्वर जय जय गिरधर
किरपा करो वृंदावनेश्वर
जय जय माधव जय मधुसूदन
जय दामोदर जय पुरुषोत्तम
जय नारायण जय वासुदेव
जय विश्व रूप जय जय केशव
जय सत्य हरी जय नारायण
जय विष्णु केशव जनार्दन
जय कृष्ण कन्हैया दीं दयाल
जय मुरली मनोहर जय गोपाल
जन जीवन का उद्धार करो
सब कष्ट हरो सब कष्ट हरो
धरती को पाप मुक्त करने
आए दुखियों के कष्ट हरने
करें हाथ जोरि कर निवेदन
राधा का कोप न बने विघ्न


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