याद आता है
तुम्हारा रूठना!
मनुहार-सुख
अनुभूत करने के लिए,
एकरसता-भार से
ऊबे क्षणों में
रंग जीवन का
नवीन अपूर्व
भरने के लिए!
याद आता है
तुम्हारा रूठना!
जन्म-जन्मान्तर पुरानी
प्रीति को
फिर-फिर निखरने के लिए,
इस बहाने
मन-मिलन शुभ दीप
आँगन-द्वार धरने के लिए!
याद आता है
तुम्हारा रूठना! अपार-अपार भाता है तुम्हारा रागमय बीते दिनों का रूठना!