अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
07.25.2014


31.
नया सवेरा
स्मिता, अमरेन्द्र

मनीष ने घर पहुँचकर राधा से बातचीत करनी शुरू की, "हाँ राधा, तुम्हारा इंगलिश स्पीकिंग कोर्स कहाँ तक पहुँचा है? क्या सब ठीक चल रहा है?"

शर्माती हुई राधा बोलीं, "हाँ ठीक चल रहा है। हम जल्द ही सीख जाएँगे।वह काफी अच्छे ढंग से बताती है।"

मनीष, "क्या नाम है उसका? तुम्हारी सहेली और टीचर पड़ोसन का?"

राधा, "रानी। वह नाम और दिल दोनों से रानी है। मैं पहले उससे बात करने में हिचकती थी, लेकिन अब तो खूब घुल मिल गयी हूँ। उसके दोनों बच्चे भी काफी अच्छे हैं। लड़का थोड़ा शैतान है और लड़की तो मुझसे काफी ‘क्लोज’ हो गई है।" वह अपने बारे में सब कुछ मुझे बता देती है। जब उसका स्कूल बंद रहता है तो वह मेरे साथ ही अधिक समय बिताती है। क्या आप जानते हैं कि स्कूलों में क्या-क्या होता है? अच्छा छोड़िए!"

मनीष, "हाँ, तुम क्या बताना चाह रही हो? शर्माने की कोई बात नहीं है। हमसे क्यों शर्मा रही हो, मिसेज शर्मा, अब आप तो काफी बोल्ड और कॉन्फिडेंट हो गई हैं।"

राधा, "बस करिए, मर्दों की यही बात मुझे अच्छी नहीं लगती है। तुरंत चापलूसी पर उतर आते हैं..... खुद का काम निकालने के लिए।"

"अच्छा, मर्द चापलूसी करते हैं।"

राधा शर्माते हुई बोली, "क्यों आप नहीं करते हैं क्या? आप तो खूब करते हैं। हमसे नहीं करते हैं तो किसी और से करते होंगे!"

मनीष, "ठीक है, तब मत बताओ। हम दूसरों से ही पूछ लेंगे। क्या बता रही थी, बताओ न।"
"यहाँ स्कूलों में डांस भी सिखाया जाता है। रानी की बेटी को भी सिखाया जाता है। क्या आप जानते हैं कि खाली समय में मैं भी उसे थोड़ा बहुत सिखा देती हूँ।"

"क्या तुम्हें भी डांस आता है? तुमने हमसे इस बात को अब तक क्यों छुपा रखा था?" मनीष ने पूछा।

राधा, "इसमें बतानेवाली कोई बात नहीं है। गाँव में महिलाएँ डांस करती ही हैं। मैंने भी सीख लिया।

हाँ यहाँ जैसा नहीं कि लड़कियों को डांस मर्द सिखाते हैं। वह भी कमर में हाथ डालकर। हम टीवी पर देखते थे, लेकिन अपनी आँखों से तो पहली बार ही देखा। मैंने तो रानी को मना कर दिया। बड़ी लड़की को किसी मर्द से डांस मत सिखवाओ।"

"क्या बोली रानी?" मनीष ने पूछा।

"कुछ नहीं। इसमें कोई सोचने वाली बात नहीं है। धीरे धीरे तुम भी समझ जाओगी और फिर चुप हो गई।" राधा आगे बोली कि मुझे तो शक है कि डांस सिखाने वाला लड़का ठीक नहीं है। रानी बोली कि नहीं ऐसा नहीं है।

"अच्छा, अब तुम बताओ कि तुमने कहाँ डांस सीखा?" मनीष ने पूछा।

"लो, आप तो बिना बात के बात पूछते हैं। बस करिए, अब मैं खाना खाने जा रही हूँ।"

"नहीं, बैठो, पहले बताओ", मनीष ने राधा को पुचकारते हुए पूछा।

राधा शरमा कर भाग गई। बोली – "नहीं बताऊँगी। आज मुझे आपका इरादा कुछ अच्छा नहीं लग रहा!"

मनीष ने दौड़कर उसे पकड़ लिया और फिर वे दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे।


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें