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ISSN 2292-9754

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07.06.2014


14,
नया सवेरा
स्मिता, अमरेन्द्र

विजय का इंतजार खत्म हुआ। विकास शाम सात बजे आया। दिन भर जो भी मनोभावों से विजय गुजरा था उसे किसी से बाँटने के लिए वह व्याकुल था। विकास के आते ही उसने कहा कि अब वह क्लब नहीं जा सकता है। बहुत बड़ी समस्या आ चुकी है। नए मंत्री बहुत ही कड़क हैं। पता नहीं मुझे वह अपनी टीम में रखेंगे कि नहीं, यह मेरी समझ में नहीं आ रहा है।

विकास आश्चर्यपूर्वक पूछा, "क्या बात हो गयी? सुबह तो सब कुछ ठीक-ठाक था। अचानक ऐसा क्या हुआ? जो तुम इतना घबराये हुए हो।"

"बताता हूँ, विकास। आज मैं मंत्री जी के पास गया था, हमें वहाँ पहुँचना था सुबह 11 बजे और पहुँचे 11.30 बजे। उन्होंने देर से आने पर कटाक्ष किया। साथ ही जानते हो जब मैं अपनी ओर से कुछ उन्हें बताने की कोशिश करने लगा तो उन्होंने झड़प लगा दी। और अपने आइडियाज को लिखकर देने को कहा। पता नहीं..... लगता है कि कोई.....हमारे खिलाफ उन्हें कान भर रहा है। समझ में नहीं आ रहा है कि मैं क्या करूँ। कैसे उन्हें इम्प्रेस करूँ?

अब तुम्ही कुछ उपाय बताओ, विकास। तुमसे ही उम्मीद है। तुम्हें तो प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले प्रोफेशनल का ज्ञान है। मैं दिनभर आज सोचता रहा। मेरी समझ में कुछ भी नहीं आ रहा है। तुम अब सोचो कि इस समस्या से कैसे निपटा जाए? अगर हम जल्दी कुछ नहीं कर पाए, तो पता नहीं, दिल्ली से उठा कर कहाँ फेंक दिए जाएँगे।"

"विकास, हिम्मत मत हारो। इस समस्या का हल है।

देखो। हमें दो चीज करना है। पहला समस्या का समाधान ढूंढना है। दूसरा. मंत्रीजी को समझना है। प्रोफेशनली पहले को प्रॉब्लेम साल्विंग कहते हैं। और दूसरे को हम लोग जोहरी विंडो के माध्यम से व्यक्ति को समझने की कोशिश करेंगे।

तुम्हारी समस्या की शुरुआत और अंत दोनों मंत्री पर आकर खत्म होती है। तुम्हारा लक्ष्य है उन्हें मनाना। इसके लिए हमें आँकड़े चाहिए। ठीक है। पहले बताओ कि कितनी बार अब तक तुम्हें यह लगा है कि वे तुम्हें नहीं रखेंगे, मन मे ऐसा संशय कैसे पैदा हुआ। बताओ जल्दी बताओ।"

"विजय, मुझे इसका अहसास दो बार हुआ है। अब तक मैं 6-8 बार उनसे मिल चुका हूँ। लेकिन ऐसा हाँ, दो बार लगा है।"

"विकास, यही समस्या है तुम लोगों की। हमेशा हवा में बातें करते हो। यू फर्स्ट काउन्ट 6 या 8 यस।"

"इट्स 8 टाइम्स, आई मेट हिम।"

"अब तक आठ बार मिले हो और दो बार ही ऐसा लगा। यह कोई खास बात नहीं है। ऐसा हो सकता है कि मंत्री जी का मूड ठीक नहीं हो। वह इम्पलसिव हो गए होंगे। जब उनका गुस्सा शांत हो जाएगा तो सब ठीक ठाक हो जाएगा। डू नॉट वरी। यू डू जस्ट वन थिंग। अंडरस्टेन्ड दी माइन्ड ऑफ मिस्टर मिनिस्टर। हाँ मैने बताया ना उसके लिए जोहरी विंडो का इस्तेमाल करो।

विकास, जौहरी विंडो में चार पेन होते हैं। हाँ देखो यह आज के दैनिक जागरण में इसके बारे में विस्तार से बताया गया है।

हाँ और यह ध्यान रखो ह्वाट यू सेड, यू वान्ट टू इम्प्रेस हिम। वी आर टोल्ड नॉट टू इम्प्रेस बॉस रेदर ट्राई टू एक्सप्रेस क्लियरली। यू टू फॉलो दिस ऑफ्टर अंडरस्टेंडिंग मिनिस्टर थ्रूली।"

"क्या है जोहरी विण्डो?"

"किसी भी कंपनी में एक लीडर होता है और उसके अन्दर कई एम्प्लॉई काम करते हैं। जहाँ एम्प्लॉई केवल अपनी क्षमता के बारे में जानते हैं, वहीं लीडर न केवल अपनी क्षमता, बल्कि अपनी टीम के सभी साथियों की खासियत और कमजोरी को भी जानता है। यदि लीडर और उसके टीम मेंबर्स जोहरी विण्डो का पालन करें, तो न सिर्फ किसी खास एम्प्लॉई, बल्कि पूरी कंपनी को सफलता मिलनी तय है।

क्या है जोहरी विण्डो मॉडल? यह सेल्फ डिसक्लोजर पर आधारित है। यह पॉजिटिव फीडबैक डिसक्लोजर भी कहलाता है। इसे दो अमेरिकी साइकोलॉजिस्ट जोसेफ लफ्ट और हैरी इंघम ने वर्ष 1940 में ईजाद किया। बाद में दोनों लोगों ने अपने पहले नाम को जोड़कर एक नया नाम तैयार किया- जोहरी विण्डो। यह मॉडल किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन को बैलेंस करना सिखाता है। इसमें सेल्फ डिस्क्लोजर, यानी अपने गुणों को दूसरों के सामने कैसे प्रस्तुत किया जाए, चार विण्डो के माध्यम से बताया जाता है।

1 खूबी, जिसे बॉस और एम्प्लॉई जानते हों। यह विण्डो ओपन सेल्फ या ओपन एरिया कहलाता है। सभी एम्प्लॉई की अपनी-अपनी खूबियाँ होती हैं। वे ऑफिस जॉब के किसी एक क्षेत्र में मास्टरमाइण्ड होते हैं। उनकी यह खूबी बॉस को भी मालूम होती है। एक एम्प्लॉई तभी सफल हो सकता है, जब वह समय-समय पर अपनी खूबियों से बॉस को अवगत कराता रहे। साथ ही, वह उन खूबियों को लगातार अपडेट भी करता रहे। उदाहरण के लिए यदि बॉस आपको सम्बंधित क्षेत्र में कोई काम सौंपते हैं, तो उसमें हमेशा अव्वल आने की कोशिश करें, ताकि बॉस भी आपका लोहा मान सकें और समय आने पर आपको तरक्की प्रदान करें।

2 खूबी, जिसे आप नहीं, दूसरे जानते हों यह विण्डो ब्लाइण्ड एरिया कहलाता है। हम सभी में कुछ खूबियाँ, ऐसी भी होती हैं, जिनसे हम बिल्कुल अनजान होते हैं। समय के साथ-साथ हमें उन खूबियों के बारे में जानना चाहिए और उन्हें आगे लाना चाहिए। इस काम में बॉस या आपके सहकर्मी आपकी मदद कर सकते हैं। मुग्धा अच्छी इलस्ट्रेटर हैं। ऑफिस में अपने वर्क परफेक्शन के लिए वे जानी जाती हैं, लेकिन घर-परिवार पर आधारित इलस्ट्रेशन तैयार करने के बारे में उन्हें कम जानकारी थी। उन्हें हमेशा ऐसा लगता था कि वे इस क्षेत्र में कमजोर हैं। एक दिन बॉस ने उन्हें इसी से सम्बंधित काम सौंप दिया और बातों ही बातों में बताया कि मैं उनकी सफलता के प्रति सौ प्रतिशत आशावान हूँ। डरते-डरते मुग्धा ने वह काम भी पूरा कर दिया। बॉस ने उनके काम को देखकर खूब शाबाशी दी। दरअसल, बॉस उनकी इस खूबी के बारे में काफी पहले से जानते थे।

3 खूबी, जो दूसरों से छिपी हो। यह विण्डो हिडन एरिया कहलाता है।

इसमें आप अपनी कुछ ऐसी खूबियों के बारे में जानते हैं, जिसके बारे में दूसरे लोग बिल्कुल नहीं जानते। यदि कुछ एम्प्लॉई इस श्रेणी में आते हैं, तो वे लगातार ऐसे समय की तलाश करते रहें, जिसमें उन्हें अपने छिपे हुनर को प्रयोग में लाने का मौका मिले। एक सॉफ्टवेयर कंपनी में डेटा इंस्ट्रक्टर नेहा जब भी मीडिया मैनेजर को क्लाइंट से डील करती हुई देखतीं, तो उन्हें लगता कि वे इस काम को बेहतर तरीके से कर सकती हैं। अपनी झिझक की वजह से वे इसे अपने सहकर्मियों से शेयर नहीं कर पाती थीं। संयोगवश मीडिया मैनेजर ने कुछ दिनों के लिए अवकाश लिया। एक मीटिंग के दौरान बॉस ने बारी-बारी से सभी एम्प्लॉइज को बुलाया और पूछताछ की कि कौन इस कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दे सकता है? नेहा ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि वे इस कार्य को जिम्मेदारीपूर्वक कर सकती हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि वे इस काम में सफल भी साबित हुईं।

4 खूबी, जो आप और दूसरे भी नहीं जानें। यह विण्डो अननोन एरिया कहलाता है। हमारे अन्दर कुछ ऐसी खूबियाँ मौजूद होती हैं, जिनके बारे में दूसरों के अलावा, हम खुद भी नहीं जान पाते हैं। किसी खास मौके पर आपकी यह छुपी प्रतिभा सामने आ सकती है। आपकी छुपी प्रतिभा पर न केवल आप, बल्कि आपके सहकर्मी भी आश्चर्यचकित रह जाते हैं। इस मॉडल के आधार पर कुछ नए क्षेत्र, जिसके बारे में आप बिल्कुल नहीं जानते हैं, हाथ आजमाने से न चूकें। इसे हम एक उदाहरण से समझ सकते हैं। मान लिया जाए कि आपके ऑफिस में गायन प्रतियोगिता हो रही है। आपके सहकर्मी यह जानते हुए कि आप गायक नहीं हैं, आपसे गाने का आग्रह करते हैं। गायकी में न के बराबर प्रतिभा होने के बावजूद आप दो-चार लाइन गा देते हैं। संभव है कि आपके गायन को खूब प्रशंसा मिले। इससे आपको अपनी छुपी प्रतिभा के बारे में जानकारी मिल सकती है। विजय .... रियली, इट्स ग्रेट आर्टिकल। यही अंतर है प्राइवेट और सरकारी संस्थान में काम करने का। तुम लोगों के पास प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल काफी अच्छी होती है। हम लोग व्यर्थ में टेंशन में आ जाते हैं।"

विकास से बातचीत करके विजय को कुछ राहत मिली। वह दिनभर परेशान रहा था, लेकिन रात में अच्छी नींद आई। फिर भी घबराहट बरकरार है।


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