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05.17.2009
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कुछ ज्ञात कुछ अज्ञात

सड़ाँध
डॉ. अनिल चड्डा


अपने बदन का मैल तो
मैं साफ़ कर लूँगा धो कर
अपने सड़े हुए अंग को भी
अलग कर सकता हूँ
अपने शरीर से
पर मस्तिष्क की सड़ाँध
का क्या करूँ??
न तो धो सकता इसे
और न ही यह
किसी आप्रेशन से
अलग हो सकती है
बस इस सड़ाँध से
मैं कर सकता हूँ
कोरे पन्ने ही
काले-पीले
जिससे तुम्हें
कुछ तो आभास हो
मन की सड़ाँध का !


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