चराग़े - दिल
रचनाकार
: देवी नागरानी


अहसास की रोशनी- 'चराग़े‍-दिल' (समीक्षकः मा.ना.नरहरि)
चराग़े-दिल - कुछ विचार

 

001 - कितने पिये है दर्द के
002 - दीवारो-दर थे, छत थी
003 - देखकर मौसमों के असर
004 - उड़ गए बालो-पर
005 - आँधियों के भी पर
006 - ताज़गी कुछ नहीं
007 - या बहारों का ही ये
008 - डर उसे फिर न रात
009 - बारिशों में बहुत नहाए हैं
010 - लबों पर गिले यूँ भी
011 - तारों का नूर लेकर
012 - अपने जवान हुस्न का
013 - बाक़ी न तेरी याद की
014 - सपने कभी आँखों में

015 - कैसे दावा करूँ मैं
016 - झूठ सच के बयान
017 - तू न था कोई और
018 - गर्दिशों ने बहुत सताया है
019 - दर्द बनकर समा गया
020 - छीन ली मुझसे मौसम

021 - चराग़ों ने अपने ही घर
022 - हिज्र में उसके जल
023 - तेरे क़दमों में मेरा
024 - दिल को हम कब
025 - ख़्यालों ख़्वाब में ही
026 - हमने चाहा था क्या
027 - चोट ताज़ा कभी जो
028 - वो अदा प्यार भरी याद
029 - ठहराव ज़िंदगी में दुबारा
030 - जाने क्या कुछ हुई ख़ता
031 - अँधेरी गली में मेरा घर
032 - ये सायबां है जहां
033 - ख़ता अब बनी है सजा
034 - बहता रहा जो दर्द का
035 - बुझे दीप को जो जलाती
036 - कोई षडयंत्र रच रहा है
037 - तर्क कर के दोस्ती
038 - कितने आफ़ात से लड़ी हूँ
039 - यूँ उसकी बेवफ़ाई का
040 - रिश्ता तो सब ही ...
041 - बहारों का आया है ...
042 - राज़ दिल में छिपाए है..
043 - नहीं उसने हरगिज
044 - दीवार दर तो ठीक थे
045 - हक़ीक़त में हमदर्द है...
046 - सोच को मेरी नई
047 - सोच की चट्टान पर
048 - है गर्दिश में क़िस्मत का
049 - ज़िंदगी है ये, ऐ बेख़बर
050 - यूँ मिलके वो गया है
051 - बददुआओं का है ये असर
052 - शबनमी होंठ ने छुआ
053 - दिल अकेला कहाँ रहा
054 - मजबूरियों में भीगता
055 - वो नींद में आना भूल
056 - इक नश्शा-सा बेख़ुदी
057 - मिट्टी का मेरा घर
058 - वैसे तो अपने बीच
059 - गुफ़्तगू हमसे वो करे
060 - राहत न मेरा साथ
061 - छोड़ आसानियाँ गईं
062 - शम्अ की लौ पे जल
063 - ज़ख़्म दिल का अब भरा
064 - शहर अरमानों का जले
065 - उसे इश्क क्या है पता
066 - खुबसूरत दुकान है तेरी
067 - अपने मक़्सद से हटा
068 - फिर खुला मैंने दिल का
069 - वफ़ाओं पे मेरी जफ़ा
070 - छू गई मुझको ये हवा
071 - किस किस से बचाऊँ
072 - ज़िदगी यूँ भी जादू
073 - बिजलियाँ यूँ गिरीं उधर
074 - सुनामी की ज़द में रही
075 - कैसी हवा चली है मौसम
076 - कितनी लाचार कितनी
077 - किसी से कभी बात दिल
078 - ज़िंदगी इस तरह से
079 - क्या बताऊँ तुम्हें मैं
080 - कुछ तो इसमें भी राज़
081 - बेसबब बेरुख़ी भी होती है
082 - बंद हैं खिड़कियाँ ..
083 - ज़िंदगी रंग क्या ..
084 - ज़माने से रिश्ता
085 - नगर पत्थरों का नहीं
086 - रेत पर घर जो
087 - चलें तो चलें फिक्र..
088 - दर्द से दिल सजा रहे
089 - स्वप्न आँखों में बसा
090 - देखी तबदीलियाँ जमानों
091 - लगती है मन को अच्छी
092 - ज़िंदगी मान लें बेवफ़ा
093 - पंछी उड़ान भरने से पहले
094 - गम के मारों में मिलेगा
095 - वो रूठा रहेगा उसूलों से
096 - जितना भी बोझ हम
097 - जो मुझे मिल न पाया
098 - ख़ुशी का भी छुपा ग़म..
099 - हैरान है ज़माना
100 - न सावन है न भादों है
101 - भटके हैं तेरी याद में
102 - हम अभी से क्या बताएँ
103 - मिलने की हर खुशी में
104 - गुज़रे हुए सुलूक पे
105 - देते हैं ज़ख़्म ख़ार तो देते
106 - किस्मत हमारी हमसे ही
107 - आँसुओं का रोक पाना
108 - कौन किसकी जानता है
109 - साथ चलते देखे हमने
110 - मेरा शुमार कर लिया
111 - शहर में उजड़ी हुई देखी
112 - क्यों मचलता है माजरा
113 - क्यों खुशी मेरे घर नहीं
114 - मेरा वजूद टूटके बिखरा
115 - रेत पर तुम बनाके
116 - दोस्तों का है अजब ढब
117 - उस शिकारी से ये पूछो

118 - देख कर तिरछी निगाहों
      मेरे वतन की ख़ुशबू