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12.08.2007
चंदन-पानी
रचियता : दिव्या माथुर

बँटवारा
दिव्या माथुर


कल का जब
बँटवारा होगा
आधे की
तुम माँग करोगे
भोगा था
न भोग्य बनोगे
कल संपूर्ण
तुम्हारा था
संपूर्ण क्या कल तुम
मुझको दोगे.


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