बूँद-बूँद आकाश
डॉ. गौतम सचदेव


बूँदों से पहले मेघ - डॉ. गौतम सचदेव
ग़ज़ल का निर्झर - प्राण शर्मा - ग़ज़लकार 


सूची

001 - चोट का तक़ाजा है
002 - भीड़ में भटका हुआ...
003 - ग़ैर को अपना बनाकर..
004 - चाँदनी रुस्वा हुई
005 - आज़ादी नेता ने खाई
006 - अढ़ैये
007 - आज का दिन है अँधेरे..
008 - आयेगा दिन क अलग
009 - आशाएँ सोने के सिक्के
010 - कुछ दर्द ख़ास होने दो
011 - कुम्हलाये गीतों के मुखड़े
012 - काश यह दिल सीख पाता
013 - काँटों पर शबनम
014 - ख़ूबसूरत क्या दिखी...
015 - चली जा रात लेकर ...
016 - चाँद दिखता है सदा....
017 - छीन कर दीपक हमारे
018 - छेड़ते हो ख़्वाब क्यों
019 - जहाँ तेरा नक़्शे-क़दम
020 - चाकू दिन के घायल रातें
021 - चढ़ी लंदनी धूप ओढ़े..
022 - अलस मादकता भरे आये
023 - देख कोरों के बिना
024 - आओ मिलकर प्यार से
025 - सिर झुकाने से सदा होती
026 - मुक्तक
027 - आदमी के हैं अनोखे
028 - जान देते थे पुराने यार
029 - ताकती हैं पर किसी का
030 - तारीफ़ से भरपूर इक
031 - सपने सिर्फ़ नहीं सपने
032 - हमारा आस्माँ लेकर
033 - देश बेचोगे अगर होगा
034 - परिंदे दरख़्तों का दुख
035 -
मुहब्बत काश दिल का
036 -
टूटता है आदमी ज़्यादा
037 - उमड़ा है बरस पाये न
038 -
इक पार्टी बनायें हम
039 - कालिख पोते अपने मुँह
040 - हर आदमी दिखा कुछ
041 - हीरों की माला फेरत हैं
042 - ख़ाक ने हमको पुकारा
043 - सुख-समय के पेड़ से कुछ पल
044 - मुक्तक
045 - दोहे पर मोहे
046 - हर आदमी यहाँ पर
047 - मौत का है एक वादा
048 - रंगभेद की दुश्मन होली
049 - रास्ते अपने न कोई
050 - लंदन के फ़ुटपाथों पर सोने वाले
051 - लेखक और प्रकाशक का है
052 - लोग दुनिया में नयापन ला रहे हैं
053 - शाम आई सुरमई
054- हम कहाँ थे और अब
055 - हे महाजन
056 - रोशनी लेती सुबह अँगड़ाइयाँ
057 - ज़िंदगी समझे जिसे हम
058 - आदमी मज़बूत है
059 - क्या करे कोई अगर दिल आये तो
060 - घूँघट डाले शाम हुई
061 - आया ख़याल बनकर
062 - दर्द है दिल में कलम क्योंकर कराही
063 - देश को वे बाँधते
064 - जागती है याद में रह-रह
065 - जहाँ की रात ज़ालिम हो
066 - पाँव मेरे बेतुके हैं
067 - ज़िंदगी होती सदा मेहमान क्या
068 - न मिलता कहीं आदमी गुमशुदा है
069 - धुंध का बुर्क़ा पहनकर
070 - दिल ख़ुदा से कम नहीं है
071 - पाइये भाई मिले जो बंदगी से
072 - दिल न जो दे पाये अपना
073 - पालायन
074 - धूप की बहँगी लिये बीमार दिन
075- न समझी किसी ने नदी की कहानी
076 - भूके सेवक माँ भारत के
077 - यह न थी हमारी क़िस्मत
078 - दिल में पत्थर हों तो
079 - मुहब्बत का अगर दिल में
080 - पीटता डंका शहर अपनी फ़तह का
081 - दिल न समझा क्या हुआ
082 - देश, नेता, घोषणा, जयमाल हम हैं
083 - रात काटी खिड़कियों में
084 - रोज़ वे आने लगे सपने बने
085 - रूप के क़ैदी बने
086 - वक़्त की हर इक छुअन से
087 - मुक्तक
088 - लोग कितने भी बुरे हों
089 - दूर जाकर किस लिए तुम पास आये
090 - प्यार मिट्टी से हुआ
091 - बेकार मत हर छेद में
092 - मुक्तक
093 - राजनिति के टिड्डी दल
094 - अलविदा दिल्ली तुम्हारा आस्माँ
095 - नया नीतिशतक
096 - चमन में आ गये मौसम
097 - सम्भव नहीं शिवलिंग या शंकर बने रहें
098 - तेरी दुनिया जब चाहे तू
099 - हों भले तारे अँधेरा घुप हुआ आकाश मेरा
100 - तितलियाँ ये क्या टटोलें