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03.18.2014

बूँद-बूँद आकाश
डॉ. गौतम सचदेव
055

हे महाजन

हे महाजन दीन जन गण राजनायक
देश धन सब आपका ही है विधायक

दूर कर दो कष्ट अपने सेवकों के
राजनीतिक दर्द में बनकर सहायक

आपकी सरकार हो मोदक सरीखी
आपके मूषक बनें हम हे विनायक

आप हैं भगवान निर्वाचन जगत् में
दीजिए सत्ता हमें हे सिद्धिदायक

देख की ख़ातिर करें हम आत्मसेवा
हों सभी व्यापार अपने लाभदायक

नित्य बदले रूप तब सुन्दर नया है
आप दल बदलें हमेशा हे विधायक

धन्य हैं प्रभु आप अपने अन्नदाता
आपके बिन तुच्छ हम किस काम लायक़

आप हैं बलधाम दें सामर्थ्य हमको
आपके गुण गायें हम अल्पज्ञ गायक


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