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05.03.2012
बूँद-बूँद आकाश
डॉ. गौतम सचदेव
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हमारा आस्माँ लेकर गुज़ारा किस तरह होगा
डॉ. गौतम सचदेव


हमारा आस्माँ लेकर गुज़ारा किस तरह होगा
बुझा है जो चमकते ही सितारा किस तरह होगा

चमन तुमने बनाया वाह क्या गुलदान में अपना
मिलन ज़िंदा बहारों से दिलारा किस तरह होगा
दिलारा=प्रेमपात्र

मुखौटे धर्म नस्लें रंग शक्लें बन गये सारे
किस इनसान का इनमें नज़ारा किस तरह होगा

इधर बारूद की ढेरी उधर भी आग भड़की है
दिलों में बाण गंगा का पसारा किस तरह होगा

किया क्या क़त्ल क़ातिल ने अगर वह ख़ुदकुशी कर ले
सफल यह काम लाशों ने निहारा किस तरह होगा

न ’गौतम’ साथ लाया कुछ पुरानी तंग दिल्ली से
उसे लंदन बिना दिल के गवारा किस तरह होगा


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