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05.03.2012
बूँद-बूँद आकाश
डॉ. गौतम सचदेव
008

आयेगा दिन क अलग
डॉ. गौतम सचदेव


आयेगा दिन क अलग मज़मून होगा
आदमी में कब नया ही ख़ून होगा

प्यार हमदर्दी भरी दुनिया बनेगी
फिर नहीं बंदूक नफ़रत की तनेगी
आदमी बिकता नहीं परचून होगा
आदमी में कब.....

जाएँगे मिट ज़ुल्म के पुरदर्द क़िस्से
दुर्बलों के जब छिनेंगे फिर न हिस्से
नोचता कोई नहीं नाख़ून होगा
आदमी में कब.....

ज़ालिमों की टूट जाएँगी कमानें
बंद होंगी कुल सियासत की दुकानें
पेट-पूजा का नहीं ताऊन होगा
आदमी में कब.....

दौर ज़हरीला यही कब तक चलेगा
क्या मनुजता का नहीं दीपक जलेगा
क्या सही हरगिज़ नहीं क़ानून होगा
आदमी में कब.....


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