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वो आँखो का तारा, वो प्यार हमारा
वो प्यारा वतन है, वो घर है हमारा !
वो पेड़ों की शाखें, चहकती चिरैया
वो मैना की पाँखें, फुदकती गौरैया
वो बचपन हमारा, हमारा गगन है !
वो आँखो का तारा, वो प्यारा वतन है !
वो दादी की बाँहों में, किस्सों का सुनना
वो माँ के दुलारे से, आँचल में छुपना
वो ममता का सागर, हमारा सहन है !
वो आँखो का तारा, वो प्यारा वतन है !
वो आमों की बौरे, वो कोयल की कुहकन
वो बासन्ती फूलों पे, भौंरों की गुन्जन
वो उपवन हमारा, हमारा चमन है !
वो आँखो का तारा, वो प्यारा वतन है !
वो नदियों की कलकल, वो झरनों का झरना
वो सागर की उमड़न, वो लहर का मचलना
वो सतरंगी दुनिया, हमारा सपन है !
वो आँखो का तारा, वो प्यारा वतन है !
वो नदियों के पाटों पे, मेलों के डेरे
वो पूनम की रातों में, गीत – घनेरे
वो मेलों की रौनक, हमारा शगन है !
वो आँखो का तारा, वो प्यारा वतन है !!
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