लोक-कथा |
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| अ-आ, इ-ई, उ-ऊ, ए-ऐ, ओ-औ, क, ख्, ग, घ, च, छ, ज, ट, ठ, ड, ढ, त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, श-ष, स, ह, क्ष, त्र, ज्ञ, ऋ, श्र-श्रृ | ||||||
| अ-आ | इ-ई | उ-ऊ | ||||
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अपना हाथ जगन्नाथ अपने अपने करम |
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| ए-ऐ | ओ-औ | क | ||||
| कभी किसी को कमज़ोर मत समझो | ||||||
| ख | ग | घ | ||||
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| च | छ | ज | ||||
| चतुर राज ज्योतिषी |
छोटा नहीं है कोई |
जंगल के दोस्त | ||||
| झ | ट | ठ | ||||
| टेढ़ी खीर | ||||||
| ड | ढ | त | ||||
| थ | द | ध | ||||
| न | प | फ | ||||
| पहले मैं तो छोड़ के देखूँ | ||||||
| ब | भ | म | ||||
| बापू उसे मत फेंकना तुम्हारे काम आएगा | भाग्य का लिखा टल नहीं सकता | मेहनत की कमाई | ||||
| य | र | ल | ||||
| लक्ष्मी का आवास और प्रवास | ||||||
| व | श-ष | स | ||||
| सोने की चमक | ||||||
| ह | क्ष | त्र | ||||
| ज्ञ | ऋ | श्र-श्रृ | ||||
| 17 हाथी | ||||||