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| 08.05.2007 |
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मुन्सिफ़ों सलीबों पर फ़ैसले नहीं होते |
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मुन्सिफ़ों सलीबों पर फ़ैसले नहीं होते
मुन्सिफ़= न्यायाधीश;
बेसबब= बिना कारण के
झूठ और सदाक़त की जंग तो अज़ल से है
सदाकत= सत्य;
अज़ल= अनन्तकाल
सोच के जुदा होना फिर कि मिल न पायेंगे
मोजेज़ा= चमत्कार
जो भी थे गिले शिकवे दूर कर के जाना था
चांद से कहा हम ने तुम ही रात भर जागो |
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