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| 05.18.2009 |
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माता-पिता की महिमा |
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माता तो सर्वोच्च है, महिमा अगम अपार! माँ की महत्ता तो मनुज, कभी न जानी जाय! मात-पिता भगवान-से, करो भक्ति भरपूर! पिता दिखाए राह नित, दे जीवन का दान! रोम-रोम में माँ रहे, नाम जपे हर साँस! माँ प्रसन्न तो प्रभु मिलें, सध जाएँ सब काम! मात-पिता का सुख सदा, चाहा श्रवण कुमार! माँ के सुख में सुख समझ, मान
मोद को मोद! माँ के चरणों में मिलें, सब तीरथ,सब धाम! माँ है ईश्वर से बड़ी, महिमावान अनंत! |
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