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12.26.2007
 
नये वर्ष की शुभकामनाएँ
वीरेन्द्र जैन

नये वर्ष में घिरे न तूफानों की आँधी
नये वर्ष में सूली चढ़े न ईसा गांधी
नये वर्ष में फिर संस्कृति को दाग ना लगे
नये वर्ष में गिरजाघर में आग ना लगे
धार्मिकों को भी थोड़ी सी शर्म सतावे
कुष्ट सेवियों को कोई जिन्दा न जलावे
नये वर्ष में दफतर के जैसा दफतर हो
सरस्वती की पूजा होवे, पर घर पर हो
सूरज के आगे आगे अंधियारे ना हों
इतिहासों के निर्माता हत्यारे ना हों
नये वर्ष में बिन रिश्वत के काम हो सके
पद मद अंधों का आराम हराम हो सके

नये वर्ष में जाति धर्म के सब दल टूटें
सच्चाई बह निकले जब भी फोड़े फूटें
पैट्रोल डीजल की दर भी और ना चढ़े
नये वर्ष में अनियोजित परिवार ना बढ़े
नये वर्ष में कम मच्छर हों कम खटमल हों
नये वर्ष में रोज आपके नल में जल हो
नये वर्ष में रोज नियम से बिजली आये
घी में पाँचों उँगली हों घी असली आये
नये वर्ष में अधिक पेट पर वेट न आये
नये वर्ष में ट्रेन आपकी लेट न आये
शेयरवालों के शेयर के रेट ना गिरें
बातचीत में मोबाइल का नेट ना गिरे
बीमारी में अस्पताल पर ताला न हो
और डाक्टर मंत्र चिकित्सा वाला न हो

नये वर्ष में जमे जगत में धाक आपकी
नये वर्ष में रहे सलामत साख आपकी
नये वर्ष में संवादों की धार न टूटे
नये वर्ष में मिले नियम से डाक आपकी


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