वीरेन्द्र जैन


व्यंग्य

क्या फेकूँ क्या जोड़ रखूँ ?
बढ़े बालों से योग प्रशिक्षण के रिश्ते
लक्ष्मी कमल और हाथी
शहर सिखाने पर उतारू है

कहानी

रिश्ता

आलेख

मख़्दूम मोइउद्दीन जन्म शताब्दी
साहित्य के स्वाद से साहित्य के मर्म तक
हिन्दी-ग़ज़ल को ग़ज़ल से भिन्न विधा माने
श्रीलाल शुक्ल और रागदरबारी

कविता

नये वर्ष की शुभकामनाएँ

दीवान

असलियत कम गुमान ज्यादा
खेतों कुओं पै वादों के खम्बे..
जिसके मुँह में मिठास होती है
दौड़ कर बाप से लिपटा बच्चा
बजा दे काश! ये किस्मत ...

आपबीती

अधूरी कहानी