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12.25.2007

 
   
 
नाम : वीरेन्द्र जैन
जन्म : १२ जून १९४९
शिक्षा : विज्ञान स्नातक एवं अर्थशास्त्र में एम.ए.
लेखन : सन १९६९ से हिन्दी की राष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं से लेखन प्रारम्भ किया और प्रमुख रूप से धर्मयुग, साप्ताहिक हिन्दुस्तान, कादम्बिनी, माधुरी, ब्लिट्ज, नवभारत टाइम्स में प्रकाशित होने के कारण देश भर में पहचाने गये। सेवानिवृत्ति के बाद पूरे समय लेखन व पत्रकारिता में जुटने के बाद दैनिक भास्कर, जनसत्ता ,लोकमत समाचार, राष्ट्रीय सहारा, नवभारत, दैनिक जागरण, नईदुनिया, राज्य की नई दुनिया राज ऐक्सप्रैस, आचरण, स्वतंत्रवार्ता, अमर उजाला लोकजतन, लोकलहर, समेत हंस, सम्बोधन, नया ज्ञानोदय, उद्भावना, उत्तरगाथा, सरिता, समग्रदृष्टि, आकंठ, व्यंग्य यात्रा, लफज दक्षिण समाचार, अट्टहास, आलेख संवाद, जनमतस्वर जैसी साहित्यक-वैचारिक पत्रिकाओं समेत हमसमवेत फीचर ऐजेन्सी के माध्यम से जो दो सौ समाचार पत्रों को आलेख भेजती है, द्वारा एक सौ से अधिक आलेख जारी कि गये। इस दौरान सात सौ से अधिक लेख प्रकाशित।
प्रकाशन :

व्यंग्य की चार पुस्तकें प्रकाशित :

१. एक लुहार की            पराग प्रकाशन दिल्ली
२. देखन में छोटे लगें        एकता प्रकाशन दतिया
३.हम्माम के बाहर भी       आलेख प्रकाशन दिल्ली
४.अस्पताल का उ
द्‍घाटन     आलेख प्रकाशन दिल्ली

सुप्रसिद्ध हास्यकवि काका हाथरसी के साथ संयुक्त रूप से एक पुस्तक स्टार पाकेट बुक्स दिल्ली से प्रकाशित होने के साथ दस से अधिक मानक संकलनों के सहयोगी रचनाकार कई राष्ट्रीय स्तर के कवि सम्मेलनों में काव्यपाठ ।
सम्प्रति : लेखक, राज्यस्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार एवं सामाजिक कार्य करने की दृष्टि से २९ वर्ष पंजाब नैशनल बैंक में अधिकारी पद पर कार्य करने के बाद सन २००० में स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति
कार्यस्थल : बैंक सेवा में मध्यप्रदेश में हरपालपुर, जबलपुर, दतिया इन्दरगढ घीरपुरा, भोपाल, उत्तरप्रदेश में बैनीगंज, हाथरस, गाजियाबाद, कानपुर, राजस्थान में भरतपुर, आन्ध्रप्रदेश में हैदराबाद, महाराष्ट्र में नागपुर में पदस्थ रहे व बैंक निराक्षक के रूप में उत्तर प्रदेश में  मथुरा, लखनउ, बाराबंकी बुदांयु, बिल्सी तथा बिहार में भागलपुर व गया में अल्पकाल रहने  व जानने का अवसर मिला। लेखक सम्मेलनों व सेमिनारों में देश भर के प्रमुख स्थलों में जाने का व देखने का मौका मिला।
सामाजिक कार्य : साक्षरता कार्यक्रमों, समेत भारत ज्ञानविज्ञान समिति, जनवादी लेखक संघ समेत अनेक गैर सरकारी संगठनों के कार्यों में सहयेाग। साम्प्रदायिकता का सक्रिय व मुखर विरोध हेतु अनेक प्रदर्शनों  व सेमिनारों में सक्रिय भागीदारी। सम्प्रति जनवादी लेखक संघ भोपाल इकाई के अध्यक्ष पद की जिम्मेवारी। 
सम्पर्क :