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ISSN 2292-9754

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11.29.2014


शबनम

एक गुलाब के फूल से लिपटी
शबनम ने सूरज से कहा
तू "आज कुछ थोड़ी देर बाद निकलना
मैं ज़रा सा और जीना चाहती हूँ"


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