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ISSN 2292-9754

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11.29.2014


ख़्वाब

"हम रात भर नींद में आपको बहलाते हैं
आप हैं कि सुबह तक हमें भूल जाते हैं"
ख़्वाबों ने नराज़गी जताते हुए
एक शायर से कहा
"असली ख़्वाब तो वो होते हैं
जो सोने ही नहीं देते" उसने जवाब दिया


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