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05.03.2012
 
ये धूपछाँव क्या है ये रोज़ोशब क्या है
डॉ. विजय कुमार सुखवानी

ये धूपछाँव क्या है ये रोज़ोशब क्या है
आखिर इस ज़िंदगी का सबब क्या है

मैं भी हूँ एक इंसाँ तू भी है एक इंसाँ
फिर ये कौम क्या है ये मज़हब क्या है

जब एक ही जमीं है और एक आसमाँ है
फिर ये तेरा रब क्या है मेरा रब क्या है

जो हो चुका है वो सबको पता है लेकिन
ये कौन जानता है कि होना कब क्या है

जब साथ इंसाँ के कुछ भी नहीं है जाता
इस तमाम भाग दौड़ का मतलब क्या है

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