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ISSN 2292-9754

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10.16.2016


लाडो

ना आनाइस पार मेरी लाडो
मिलेगी तुझे बस हार मेरी लाडो

कोख में आते ही छीन लेते हैं हक़ जीने का
फिर मंदिरों में जिमाते हैं कन्या दस बार मेरी लाडो

माँगते हैं मन्नत गिर कर पैरों में जिस देवी की
उसी के घर आने पे करते हैं तिरस्कार मेरी लाडो

बहन अपनी तो रहती है सात पर्दों में बंद
दूसरे की बहन को करते हैं बेपर्दा भरे बाज़ार मेरी लाडो

कभी जलाते हैं आग से तो कभी तेज़ाब से
पैसे और हवस के हैं ये ठेकेदार मेरी लाडो

अब जब तू आना तो आना काली के अवतार में
जो करे इन सामाजिक असुरों का संहार मेरी लाडो


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