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| 11.04.2007 |
| मनोकामना..मंगलकामना..शुभकामना उमेश ताम्बी |
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धन्य है भाग हमारे जो हमने आपको जाना
न होता माझी साथ तो ना मिल पता ठिकाना नववर्ष की शुभ बेला में सरल है मन को समझाना जो हो ईश्वर का साथ तो न कभी घबराना अब तक तो जीवन यूँही बीता बस खाना और कमाना आगे भी मिलाता रहे हमे साधन नया पुराना परिवार और मित्र गण सभी रहे स्वस्थ..सम्पन्न..आत्मनिर्भर दीपोत्सव की - नव वर्ष की यही हमारी मनोकामना..मंगलकामना..शुभकामना |
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