डॉ. उमेश चन्द्र शुक्ल

शोध निबन्ध
भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर - बिटिया है विशेष
मौसम बदलता है : डॉ॰ सुधाकर मिश्र
"सौत" से "कफ़न" तक की कथा यात्रा - प्रेमचंद
दीवान
खुला नया बाज़ार यहाँ
बुरे दिन हों तो
शहर है भीड़ है बस
हमारी लाश का यूँ जश्न
हर कोई अपना था