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| 02.18.2008 |
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कल अचानक ज़िन्दगी मुझ को मिली |
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ज़िन्दगी आई जो कल मेरी गली ज़िन्दगी तेरे बिना कैसे जियूँ देखते ही तुझको था कुछ यूँ लगा मैं रहूँ करता तुम्हारा इन्तज़ार तुमने चेहरे से हटायी ज़ुल्फ़ जब छोड़ने की बात मत करना कभी चेहरा यूं आग़ोश में तेरे छिपा |
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