तेजेन्द्र शर्मा

कहानियाँ
किराये का नरक
मर्द अभी ज़िन्दा है
रेत का घरौंदा
कविताएँ
डाऊनिंग स्ट्रीट के दस नम्बरी ने...
प्रजा झुलसती है 
दर
ख़्तों के साये तले
सुबह का अबार
दीवान
कभी रंजो अलम के गीत मैं गाया नहीं करता
कल अचानक ज़िन्दगी मुझ को मिली
ज़िन्दगी को मज़ाक में लेकर
मैं जानता था उसने ही बरबाद किया है
सो नहीं मैं पाता हूँ
आलेख
आलोचकों की निगाह में....... तेजेन्द्र शर्मा
वर्ष 2003 - ब्रिटेन के हिन्दी लेखकों की महत्त्वपूर्ण कृतियाँ
ये घर तुम्हारा है (कविता संग्रह) - एक परिचय - सुमन कुमार घई
बेघर आँखें -पुस्तक परिचय - डॉ. प्रेम जनमेजय
किराये का नरक - एक यात्रा- सुमन कुमार घई