कहानियाँ
कविताएँ
डाऊनिंग
स्ट्रीट के दस नम्बरी ने...
प्रजा झुलसती है
दरख़्तों
के साये तले
ग़ज़ल
कभी रंजो अलम के
गीत मैं गाया नहीं करता
कल अचानक
ज़िन्दगी
मुझ को मिली
ज़िन्दगी
को मज़ाक में लेकर
मैं जानता था उसने ही बरबाद किया है
आलेख
आलोचकों की निगाह में.......
वर्ष 2003 - ब्रिटेन के हिन्दी लेखकों की महत्त्वपूर्ण कृतियाँ
ये घर
तुम्हारा है (कविता संग्रह) - एक परिचय
- सुमन कुमार घई
बेघर आँखें -पुस्तक परिचय - डॉ. प्रेम जनमेजय
किराये का
नरक - एक यात्रा- सुमन कुमार घई