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ISSN 2292-9754

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01.29.2016


समझौते की कुछ सूरत देखो

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समझौते की कुछ सूरत देखो
है किसको कितनी ज़रूरत देखो

ढेर लगे हैं आवेदन के अब
लोगों की अहम शिकायत देखो

लूटा करते, वोट गरीबों के
जाकर कुनबों की हालत देखो

भूखों मरते कल लोग मिलेंगे
रोटी होती क्या हसरत देखो

फैला दो उजियारा चार तरफ़
एक दिए की कितनी ताक़त देखो


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