अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
05.19.2017


कब किसे ऐतबार होता है

(बहरे रमल मुसद्दस मख़बून मुसककन
फ़ाइलातुन फ़इलातुन फ़ेलुन
2122 1122 22
###
२१२२१२१२ २२)
कब किसे ऐतबार होता है
सात जन्म का प्यार होता है

दिल की बस्ती रही उजड़ती सी
सोलह उधर सिंगार होता है

मनचले तो जहाँ - कहीं जाते
शक़्ल दारोमदार होता है

मानते हैं सभी, ख़ुदा होना
काफ़िर का भी, संसार होता है

किस कंधे की पड़े, हमें ज़रूरत
कौन तब, तरफ़दार होता है


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें