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| 11.16.2007 |
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रिश्ते |
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रिश्ते टूटते हैं व्यक्ति नहीं
पत्ते टूटते हैं, पेड़ नहीं। क्योंकि जब व्यक्ति टूटता है तो पेड़, पत्ता, कुछ भी नहीं रहता। |
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