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ISSN 2292-9754

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10.16.2016


स्वीकार

जीवन स्वीकार है प्रकृति का
कुछ अच्छा है कुछ अच्छा नहीं है
ये तो हमारी अवधारणा है
समय भी कहाँ गुज़रता है
पड़ा रहा जाता है
यहीँ कहीं आस-पास
एक पल को पकड़िये
खोलिए
सारे युग सिमटे हुए हैं एक पल में।
ऐसे में हमारी अवतार की अवधारणा
हमारे लिए प्रकृति की सक्रियता है
प्रकृति की तरह सक्रिय हुआ जा सकता है
तो हों
कोशिश करें
इसमें मुश्किल कुछ नहीं है
अपने होने के एहसास के सिवाय।


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