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ISSN 2292-9754

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05.09.2016


 दिन है या आप

 कितना सुंदर दिन है
लगता है कि आप हैं
प्रेम है
ख़ुशबु है
संगीत है
कोई उत्सव है
हवा गुनगुना रही है
कि आप आज के तोहफ़े को
खोल रहे हैं
जैसे कि खुल गया है
रात के सन्दूक़ में बंद
अब तक का
उपलब्ध सबसे बड़ी ख़ुशी का ख़ज़ाना
वो भी मनुष्यता के रंग का जैसे
कोई नया ज़माना
आप के
सपनो की दहलीज़ पर से
उतर के आप के जीवन में एक
दस्तक की तरह
और अब आप इसे
सुन रहे हैं
सुन रहे हैं न?


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