अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
05.09.2016


ध्यान एक अवसर है आजकल

जाने
कितनी ज़रूरी पुकारें
हम नहीं सुनते

यहाँ तक कि ख़ुद की
पुकार भी

हमारी
व्यस्तताओं में जाने कितनी ज़रूरतें
घुली हुई हैं

वो भी जिनके लिये
हम व्यस्त हैं

आजकल ध्यान एक अवसर है
सुनने का

अपनी ही पुकार
      नया प्रेम
         ध्यान का।


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें